Prashant Kishor Property: बिहार की राजनीति में ‘जन सुराज’ के संस्थापक के रूप में एक नई और आक्रामक पारी शुरू करने वाले प्रसिद्ध चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। वर्षों तक पर्दे के पीछे से नेताओं की जीत की पटकथा लिखने वाले प्रशांत किशोर अब खुद चुनावी समर में उतर चुके हैं। उनके नामांकन के साथ ही चुनाव आयोग को सौंपे गए उनके विस्तृत हलफनामे ने उनकी और उनकी पत्नी जाहन्वी दास की आर्थिक स्थिति का एक ऐसा ब्यौरा पेश किया है, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
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करोड़ों के मालिक, पर गाड़ी का अभाव
हलफनामे के आंकड़ों के अनुसार, प्रशांत किशोर का परिवार आर्थिक रूप से बेहद संपन्न है। प्रशांत किशोर के पास व्यक्तिगत रूप से 22 करोड़ 19 लाख 74 हजार 976 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी जाहन्वी दास के पास 99 करोड़ 51 लाख 67 हजार 249 रुपये की भारी-भरकम चल संपत्ति मौजूद है। अचल संपत्ति के मोर्चे पर भी वे पीछे नहीं हैं; प्रशांत किशोर के नाम 23 करोड़ 70 लाख 80 हजार 256 रुपये की प्रॉपर्टी दर्ज है।
उनकी निवेश कुशलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पास 7 करोड़ 36 लाख 24 हजार 202 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FDR) है। जन सुराज पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण यह है कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 में पार्टी को 10 करोड़ रुपये का बड़ा दान दिया है। उनके पास 1 लाख 35 हजार रुपये की सोने की अंगूठी है, जबकि उनकी पत्नी के पास 64 लाख रुपये से अधिक के सोने के आभूषण और चांदी है। इन सबके बावजूद, एक दिलचस्प तथ्य यह है कि करोड़ों की संपत्ति होने के बाद भी दंपत्ति के नाम पर कोई निजी वाहन दर्ज नहीं है।
शिक्षा और आय के स्रोत
प्रशांत किशोर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी व्यापक रही है। उन्होंने बिहार में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद पटना साइंस कॉलेज से 12वीं की और फिर लखनऊ यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की। उनका शैक्षणिक सफर भारत से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा, जहां उन्होंने 2010 में फ्रांस के एक विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
उनकी आय का मुख्य आधार व्यापार, परामर्श (कंसल्टेंसी), फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज और लाभांश (डिविडेंड) है। वित्त वर्ष 2024-25 में प्रशांत किशोर ने 58 लाख रुपये से अधिक की व्यक्तिगत आय दिखाई है, जबकि उनकी पत्नी की आय 40 लाख रुपये से ज्यादा रही है।
कानूनी स्थिति और सियासी चुनौतियां
हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर के खिलाफ वर्तमान में आठ कानूनी मामले दर्ज हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि इन किसी भी मामले में उन्हें अभी तक किसी भी अदालत से सजा नहीं हुई है। बांकीपुर उपचुनाव में एक उम्मीदवार के तौर पर अपनी संपत्ति, शिक्षा और कानूनी स्थिति को सार्वजनिक कर प्रशांत किशोर ने अपनी पारदर्शिता प्रदर्शित करने की कोशिश की है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की जनता उनके इस नए रूप और ‘जन सुराज’ की नीतियों को किस तरह स्वीकार करती है।
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