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PM Modi Meeting: सेवा तीर्थ में PM मोदी की बड़ी बैठक, विकसित भारत 2047 पर रहा फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय सचिवों के साथ चार घंटे की उच्च-स्तरीय मैराथन बैठक की, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकार के सुधार एजेंडे में तेजी लाना और 2047 तक भारत को 'विकसित राष्ट्र' बनाने के लक्ष्य को सुनिश्चित करना है।

PM Modi Meeting

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 30, 2026

PM Modi Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘सेवा तीर्थ’ में केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ एक अहम उच्च-स्तरीय बैठक की। करीब चार घंटे तक चली इस मैराथन मीटिंग में सरकार के सुधार एजेंडे, प्रशासनिक दक्षता और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। यह बैठक मौजूदा वित्तीय वर्ष में शीर्ष नौकरशाहों के साथ प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण पूर्ण-सचिव स्तरीय बातचीत में से एक मानी जा रही है।

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बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं को और प्रभावी बनाना, सुधारों की गति तेज करना और आम लोगों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच को आसान बनाना रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक कामकाज का केंद्र नागरिकों की सुविधा और बेहतर सेवा वितरण होना चाहिए। उन्होंने साफ संकेत दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में अगली पीढ़ी के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों पर विशेष जोर दिया गया। ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी आम लोगों के जीवन को सरल बनाने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी कारोबार को आसान बनाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने नियमों को सरल बनाने, अनावश्यक प्रक्रियाओं को खत्म करने और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया।

इस दौरान विभागों के बीच बेहतर तालमेल को लेकर भी चर्चा की गई। पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के अधिक प्रभावी इस्तेमाल पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी और उनके समयबद्ध क्रियान्वयन में इसका अधिकतम उपयोग किया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग मंत्रालयों को मिलकर काम करना होगा, ताकि विकास परियोजनाओं में तेजी लाई जा सके।

बैठक में सरकारी योजनाओं की लास्ट-माइल डिलीवरी पर भी खास ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने सचिवों से अपेक्षा जताई कि वे जनहित से जुड़ी योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि उनका वास्तविक असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

विकसित भारत 2047 के विजन को लेकर प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को दीर्घकालिक सोच के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख बनाना जरूरी है।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने मंत्रालयों में जारी सुधारों, नीतिगत पहलों और प्रमुख योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। ‘52 सप्ताह में 52 सुधार’ जैसी पहल की भी समीक्षा की गई, ताकि तय समयसीमा के भीतर ठोस नतीजे सामने आ सकें।

प्रधानमंत्री ने तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसेवा को तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक को प्रशासनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए। कुल मिलाकर यह बैठक सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने और नौकरशाही को परिणाम आधारित कामकाज के लिए प्रेरित करने वाली अहम पहल रही।

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