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Haryana News: CM फ्लाइंग जांच में खुला पैक्स बैंक घोटाला, 76 लाख के गबन का आरोप

हरियाणा के हिसार जिले के गांव अयाल्की स्थित पैक्स में 76.60 लाख रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। CM फ्लाइंग टीम की जांच में सरकारी धन के गबन, रिकॉर्ड में हेराफेरी और ऑडिट व्यवस्था की लापरवाही सामने आई है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 28, 2026

Haryana News: हरियाणा के हिसार जिले के गांव अयाल्की स्थित ‘बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति’ (पैक्स) में हुए करोड़ों के घोटाले ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते (CM Flying Team) की एक गहन और विस्तृत जांच ने सरकारी धन के गबन का ऐसा जाल उजागर किया है, जिसने सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली और ऑडिट व्यवस्था की साख पर गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। करीब 76 लाख 60 हजार रुपये का यह वित्तीय फर्जीवाड़ा छह वर्षों से अधिक समय तक बिना किसी रोक-टोक के चलता रहा।

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सुनियोजित तरीके से सरकारी धन का गबन

यह घोटाला 1 जनवरी 2020 से 31 मार्च 2026 के बीच अंजाम दिया गया। जांच टीम के अनुसार, जालसाजों ने फर्जीवाड़े का एक बेहद शातिर तरीका अपनाया था। रिकॉर्ड में यह दर्शाया जाता था कि राशि बैंक में जमा कर दी गई है, जबकि हकीकत में वह पैसा कभी बैंक तक पहुँचा ही नहीं। कागजी हेराफेरी के जरिए सरकारी खजाने से यह बड़ी राशि हड़प ली गई। इतना ही नहीं, तत्कालीन पैक्स प्रबंधक सूबे सिंह द्वारा 75 हजार रुपये सीधे अपने निजी बचत खाते में ट्रांसफर करने जैसे मामले भी सामने आए हैं। ब्याज की राशि को हड़पने के लिए रसीद पुस्तिकाओं की तारीखों में छेड़छाड़ तक की गई।

ऑडिटर्स की भूमिका पर उठे सवाल

इस मामले का सबसे शर्मनाक पहलू वर्ष 2020 से 2025 तक के ऑडिट की विफलता है। एक ऐसी संस्था, जिसका टर्नओवर करोड़ों में है, वहां छह साल तक लाखों का गबन होता रहा और ऑडिट रिपोर्ट में सब कुछ ‘ठीक’ दिखाया जाता रहा। क्या यह ऑडिटर्स की भारी लापरवाही थी या फिर यह पूरा तंत्र मिलीभगत पर टिका था? यह जांच का मुख्य केंद्र बिंदु है। विकास अधिकारी सुरेश कुमार की शिकायत पर अब पुलिस ने 3 पूर्व प्रबंधकों और 3 ऑडिटर्स को नामजद करते हुए उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है।

पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की चुनौतियां

सदर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी आवश्यक वित्तीय दस्तावेजों और रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी प्रह्लाद राय ने स्पष्ट किया है कि जांच का दायरा अब उन तमाम चेहरों तक बढ़ गया है, जिनकी अनदेखी के कारण सरकारी पैसे की लूट हुई। पुलिस इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

इस घटना ने उन लाखों किसानों और आम खाताधारकों का विश्वास डगमगा दिया है, जो पैक्स जैसी संस्थाओं को अपनी मेहनत की कमाई का सुरक्षित स्थान मानते हैं। आज अयाल्की के लोग पूछ रहे हैं कि यदि एक छोटी सी सहकारी समिति का ऑडिट छह साल तक फेल हो सकता है, तो क्या पूरे सरकारी ऑडिट सिस्टम का ही कायाकल्प करने की आवश्यकता नहीं है? यह मामला केवल एक गबन नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र के उस छेद का प्रमाण है, जिससे जनता का पैसा निरंतर रिस रहा है। अब देखना यह है कि क्या इस ‘बुलेटप्रूफ’ जांच के बाद दोषियों को कठोर दंड मिलेगा या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा।

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