Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार का उद्देश्य आम लोगों को उनके अपने जिले में ही बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों या दूसरे राज्यों की ओर रुख न करना पड़े। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में हुई ‘स्पेशल हाई पावर्ड परचेज कमेटी’ की बैठक में 18 करोड़ रुपये से अधिक के खरीद प्रस्तावों और रेट कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दी गई।
सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाकर मरीजों को समय पर इलाज, जांच और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इन फैसलों से जिला नागरिक अस्पतालों और उपमंडल अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा।
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18 जिला अस्पतालों में मजबूत होगी ऑक्सीजन व्यवस्था
बैठक में ऑक्सीजन सुविधा को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रदेश के 18 जिला नागरिक अस्पतालों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट और उन्नत स्टोरेज टैंक स्थापित करने के लिए लगभग 9.55 करोड़ रुपये के दो वर्षीय रेट कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दी गई है। इससे आपातकालीन स्थिति में ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।
इस निर्णय का सबसे अधिक लाभ गंभीर मरीजों को मिलेगा, जिन्हें तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत होती है। ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता से मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत काफी हद तक कम हो सकेगी। इससे इलाज में देरी भी घटेगी और परिजनों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा।
थैलेसीमिया और मोतियाबिंद मरीजों को राहत
सरकार ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के इलाज पर भी विशेष ध्यान दिया है। बैठक में थैलेसीमिया मरीजों के लिए करीब 82 लाख रुपये की दवाओं की खरीद को मंजूरी दी गई। इससे ऐसे मरीजों को नियमित और समय पर उपचार मिल सकेगा।
इसके अलावा मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के लिए 44 लाख रुपये के इंट्राऑक्यूलर लेंस खरीदने का निर्णय लिया गया है। इससे आंखों के ऑपरेशन और इलाज की सुविधा को गति मिलेगी। साथ ही यूनानी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए 1.85 करोड़ रुपये की लागत से 40 प्रकार की यूनानी दवाओं की खरीद को भी स्वीकृति दी गई है। इससे मरीजों को इलाज के अलग-अलग विकल्प मिल सकेंगे।
डायलिसिस और जांच सेवाओं का होगा विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं को जिला और उपमंडल स्तर तक पहुंचाने के लिए सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल के तहत भी काम कर रही है। इसी के तहत 16 उपमंडल नागरिक अस्पतालों में हीमोडायलिसिस सेवाएं शुरू करने के लिए 2.40 करोड़ रुपये के टेंडर को मंजूरी दी गई है। इससे किडनी रोगियों को डायलिसिस के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इसके साथ ही सुनने से जुड़ी समस्याओं की जांच के लिए 22 जिला नागरिक अस्पतालों में 24 प्योर टोन ऑडियोमीटर खरीदने के लिए 3.02 करोड़ रुपये के दो वर्षीय रेट कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दी गई है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और अन्य मरीजों की श्रवण जांच जिला स्तर पर ही हो सकेगी।
आम जनता को मिलेगी सीधी राहत
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इन फैसलों से हरियाणा में इलाज अधिक सुलभ, बेहतर और किफायती होगा। सरकार का यह कदम राज्य को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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