Khan Sir Coaching Center: लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुए हृदयविदारक अग्निकांड ने पूरे देश के शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। इस हादसे में 15 छात्रों की जान जाने के बाद देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। इसी कड़ी में, बिहार का प्रशासनिक अमला भी अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पटना, जो देश भर के छात्रों का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है, वहां के संस्थानों पर अब फायर सेफ्टी विभाग ने अपनी पैनी नजर गड़ा दी है। इसी सिलसिले में पटना के विख्यात शिक्षक ‘खान सर’ के कोचिंग सेंटर को फायर सेफ्टी विभाग ने एक बार फिर सख्त नोटिस थमाया है।
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सुरक्षा मानकों में ढिलाई और प्रशासन की सख्त चेतावनी
फायर सेफ्टी विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई का मुख्य कारण कोचिंग परिसर में अग्निशमन नियमों की बार-बार अनदेखी करना है। सूत्रों के मुताबिक, खान सर के संस्थान को पहले भी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं और कमियों को सुधारने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था।
हालांकि, विभाग द्वारा हाल ही में किए गए औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन पूरी तरह से नहीं हुआ है। निरीक्षण टीम ने पाया कि संस्थान में छात्रों की विशाल संख्या के अनुपात में ‘आपातकालीन निकास’ (Emergency Exit) की व्यवस्था बेहद अपर्याप्त है। साथ ही, अग्निशमन उपकरणों की कमी और वेंटिलेशन में तकनीकी खामियां पाई गई हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में चल रहे संस्थानों में ऐसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।
लखनऊ हादसे के बाद पटना के कोचिंग हब में मचा हड़कंप
लखनऊ में आवासीय इमारत के भीतर चल रहे कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद पटना का कोचिंग हब—विशेषकर नया टोला और मुसल्लहपुर हाट का इलाका—प्रशासन की रडार पर आ गया है। इन इलाकों में लाखों छात्र संकरी गलियों और असुरक्षित बहुमंजिला इमारतों में पढ़ने आते हैं। ऐसी इमारतों में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी जानलेवा साबित हो सकती है।
फायर सेफ्टी विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। खान सर के संस्थान के अतिरिक्त, पटना के अन्य कई बड़े और छोटे कोचिंग सेंटरों को भी जांच के घेरे में लिया गया है। प्रशासन की ओर से कड़ी चेतावनी जारी की गई है कि यदि निरीक्षण के बाद भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी रही, तो दोषी संस्थानों को सील करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
10 दिनों का अल्टीमेटम और भविष्य की राह
फिलहाल, प्रशासन ने खान सर के कोचिंग सेंटर को 10 दिनों का समय देते हुए सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने का अल्टीमेटम दिया है। यह समय सीमा कोचिंग प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है। यह मामला केवल खान सर के संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पटना के तमाम शिक्षण संस्थानों के लिए एक कड़ा संदेश है। समय आ गया है कि शिक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, अन्यथा प्रशासन के अगले कदम संस्थान के भविष्य पर भारी पड़ सकते हैं।
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