Haryana News: हरियाणा विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से शिष्टाचार मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात का कोई आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों के बीच विधानसभा के मानसून सत्र की संभावित तारीख, कार्यसूची और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार जल्द ही सत्र बुलाने का औपचारिक प्रस्ताव राज्यपाल को भेज सकती है।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को सौंपी जिम्मेदारी
इससे पहले 28 जुलाई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में 22 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, लेकिन विधानसभा के मानसून सत्र की तारीख तय नहीं की गई। कैबिनेट ने सत्र की तिथि और कार्यक्रम तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंप दिया था। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में सत्र की संभावित तारीखों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
10 अगस्त से पहले सत्र की संभावना क्यों कम है?
जानकारों के अनुसार 10 अगस्त से पहले हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र आयोजित होने की संभावना बेहद कम है। इसकी सबसे बड़ी वजह विधानसभा परिसर से जुड़ी व्यवस्थाएं हैं। हरियाणा और पंजाब विधानसभा कई बुनियादी सुविधाएं जैसे प्रेस लाउंज, पार्किंग और प्रवेश द्वार साझा करते हैं। चूंकि पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र 10 अगस्त तक प्रस्तावित है, इसलिए उससे पहले हरियाणा में सत्र आयोजित करना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा।
इसके अलावा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों की तैयारियां भी जोरों पर रहेंगी। इस दौरान मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्रीय कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस से पहले या तुरंत बाद विधानसभा सत्र आयोजित करना प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
21 अगस्त से शुरू हो सकता है मानसून सत्र
सरकारी सूत्रों के मुताबिक हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू किए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला राज्यपाल की मंजूरी और सरकार की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही लिया जाएगा। सरकार जल्द ही इस संबंध में औपचारिक घोषणा कर सकती है।
सदन में इन मुद्दों पर रह सकती है खास नजर
आगामी मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक, वित्तीय प्रस्ताव और जनहित से जुड़े फैसले सदन में पेश कर सकती है। वहीं विपक्ष भी पूरी तैयारी के साथ सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, महंगाई, विकास कार्यों की रफ्तार और प्रदेश से जुड़े अन्य अहम मुद्दों पर सदन में तीखी बहस होने की संभावना है। ऐसे में यह मानसून सत्र राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







