Haryana News: हरियाणा में आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा योजना को लेकर निजी अस्पतालों की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। मेडिकल क्लेम के भुगतान में लगातार हो रही देरी के चलते योजना से जुड़े अस्पतालों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। स्थिति को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की हरियाणा इकाई ने सरकार के सामने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है।
IMA का कहना है कि यदि लंबित क्लेम का जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो प्रदेश के निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाली सेवाओं को बंद करने के लिए मजबूर हो सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों के सामने मुफ्त इलाज की सुविधा को लेकर परेशानी खड़ी हो सकती है।
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15 दिन की जगह छह महीने से ज्यादा का इंतजार
अस्पतालों के अनुसार, आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बाद जमा किए गए मेडिकल क्लेम का भुगतान निर्धारित नियमों के मुताबिक 15 दिनों के भीतर होना चाहिए। लेकिन मौजूदा स्थिति में अस्पतालों को अपने भुगतान के लिए छह महीने से भी अधिक समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
IMA हरियाणा की प्रधान डॉ. सुनीला सोनी और सचिव डॉ. योगेश जिंदल ने इस मामले में हरियाणा आयुष्मान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया है। संगठन का दावा है कि पिछले करीब तीन वर्षों से इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
करोड़ों रुपये के भुगतान अटके
IMA के मुताबिक, निजी अस्पतालों के करोड़ों रुपये के क्लेम लंबे समय से लंबित हैं। भुगतान नहीं होने के कारण अस्पतालों के लिए कर्मचारियों का वेतन, दवाइयां, मेडिकल उपकरण और अन्य जरूरी खर्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है।
संगठन ने यह भी दावा किया कि आर्थिक दबाव के कारण हाल ही में राज्य का एक निजी अस्पताल बंद हो चुका है। IMA को आशंका है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में दूसरे अस्पतालों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
मरीजों पर भी पड़ सकता है सीधा असर
IMA ने कहा कि भुगतान में देरी का असर सिर्फ अस्पतालों की आर्थिक स्थिति पर नहीं पड़ रहा, बल्कि इसका प्रभाव योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है। अस्पतालों की वित्तीय स्थिति कमजोर होने से आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को सेवाएं उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। संगठन का कहना है कि वह मरीजों को परेशान नहीं करना चाहता, लेकिन सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए विरोध जरूरी हो गया है।
1 सितंबर को सांकेतिक बंद, 16 सितंबर से पूर्ण बंद की चेतावनी
IMA ने सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई का समय देते हुए चरणबद्ध विरोध का फैसला लिया है। संगठन के अनुसार, आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पताल 1 सितंबर की रात 12 बजे से अगले 24 घंटे तक सांकेतिक रूप से सेवाएं बंद रखेंगे।
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