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Haryana News: हरियाणा डेयरी फेडरेशन की नई रणनीति, उत्पादन से बिक्री तक होगा बड़ा बदलाव

हरियाणा सरकार ने सहकारिता और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में वीटा, डेरीफेड समेत विभिन्न सहकारी संस्थाओं के विस्तार, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर जोर दिया गया।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 29, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार ने सहकारिता और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डेरीफेड, वीटा, हरहित स्टोर, लेबरफेड, हाउसफेड और अन्य सहकारी संस्थाओं के कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा भी मौजूद रहे। सरकार का लक्ष्य सहकारी संस्थाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।

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558 नए वीटा बूथ खोलने की तैयारी

राज्य में डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने 558 नए वीटा बूथ खोलने का निर्णय लिया है। इसके बाद प्रदेश में वीटा बूथों की कुल संख्या 1,200 से अधिक हो जाएगी। इन बूथों को रेलवे स्टेशन, प्रमुख पर्यटन स्थलों, अस्पतालों और बड़ी आवासीय कॉलोनियों जैसे स्थानों पर स्थापित किया जाएगा, ताकि लोगों को आसानी से शुद्ध डेयरी उत्पाद उपलब्ध हो सकें।

दूध के साथ नए उत्पादों पर भी जोर

सरकार ने केवल दूध की बिक्री तक सीमित रहने के बजाय वीटा ब्रांड के तहत नए उत्पाद तैयार करने की योजना बनाई है। आइसक्रीम सहित कई मूल्यवर्धित डेयरी उत्पाद बाजार में उतारे जाएंगे। इसके अलावा रेलवे और रक्षा क्षेत्र जैसी बड़ी संस्थाओं तक भी डेयरी उत्पादों की आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे, जिससे फेडरेशन की आय में वृद्धि हो सके।

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाएं

हरियाणा की प्रसिद्ध मुर्राह नस्ल की भैंसों को ध्यान में रखते हुए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया है। वर्तमान में सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग पांच लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है, जिसे आने वाले समय में और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक किसान और डेयरी संचालक इस व्यवस्था से जुड़ें।

महिलाओं को मिलेगा डेयरी व्यवसाय का अवसर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला स्वयं सहायता समूहों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से महिलाओं को डेयरी शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

नए प्लांट और चिलिंग सेंटर होंगे स्थापित

दूध के संग्रहण और प्रसंस्करण को बेहतर बनाने के लिए राज्य में नए डेयरी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। बावल और अंबाला में आधुनिक दुग्ध संयंत्र विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में नए मिल्क चिलिंग सेंटर भी शुरू किए जाएंगे, ताकि किसानों से खरीदे गए दूध की गुणवत्ता सुरक्षित रखी जा सके और सप्लाई व्यवस्था मजबूत हो।

सहकारी समितियों का होगा आधुनिकीकरण

सरकार सहकारी समितियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर भी काम कर रही है। अधिकांश समितियों का ऑनलाइन पंजीकरण पूरा हो चुका है और उन्हें बहुउद्देशीय केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों पर किसानों को बीज, खाद, पशु आहार, कृषि सेवाएं और अन्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है।

ग्रामीण विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा

बैठक में हरहित स्टोरों के विस्तार, सहकारी चीनी मिलों की कार्यक्षमता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि इन पहलों से सहकारिता क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

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