SIGN IN

Haryana News: हरियाणा में सरकारी स्कूल होंगे स्मार्ट, हर परिसर की होगी डिजिटल मैपिंग

हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) द्वारा प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए प्रत्येक स्कूल भवन और परिसर का सटीक डिजिटल लेआउट प्लान व नक्शा तैयार किया जा रहा है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 2, 2026

Haryana News: हरियाणा राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को अधिक आधुनिक, सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-युक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) की ओर से जारी निर्देशों के तहत अब प्रदेशभर के सभी सरकारी स्कूलों के भवनों और परिसरों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत हर स्कूल का एक डिजिटल लेआउट प्लान और नक्शा तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में होने वाले विकास और निर्माण कार्यों को एक नई और आधुनिक दिशा मिलेगी।

Haryana News: हरियाणा में नशे के खिलाफ जनजागरण, विशेष कांवड़ यात्रा से जागरूक होंगे युवा

डिजिटल लेआउट और मैपिंग का विस्तृत स्वरूप

इस योजना के अंतर्गत स्कूलों के मुख्य भवनों, अलग-अलग कक्षाओं के कमरों, शौचालयों, खेल के मैदानों, चारदीवारी (बाउंड्रीवाल), मुख्य द्वारों और स्कूल परिसर में मौजूद खाली भूमि का पूरा डिजिटल ब्योरा तैयार किया जाएगा। ऑटोकैड (AutoCAD) सॉफ्टवेयर का उपयोग: यह पूरा तकनीकी कार्य योग्य और अनुभवी आर्किटेक्ट्स के माध्यम से अत्याधुनिक ऑटोकैड सॉफ्टवेयर पर कराया जाएगा।

ऑनलाइन डेटाबेस और सटीक योजनाएं: डिजिटल मैपिंग का काम पूरा होने के बाद राज्य के प्रत्येक सरकारी स्कूल का पूरा नक्शा और लेआउट ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होगा। इससे भविष्य में नए कमरों के निर्माण, प्रयोगशालाओं, शौचालयों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की रूपरेखा बेहद कम समय में और अत्यंत सटीकता के साथ तैयार की जा सकेगी। साथ ही, पूरे प्रदेश के स्कूलों का एक एकीकृत डिजिटल डेटाबेस भी मजबूत होगा।

नक्शों का अभाव और सुधारीकरण की ओर कड़ा कदम

अक्सर यह देखने में आता था कि कई स्कूलों के पास उनके भवनों का अद्यतन लेआउट या नक्शा उपलब्ध नहीं होता था, जिसके कारण स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार के नए निर्माण, विस्तार या मरम्मत कार्य को शुरू करने में भारी प्रशासनिक देरी का सामना करना पड़ता था।

बीते समय में पुराने और जर्जर भवनों के गिरने से कुछ स्थानों पर अप्रिय घटनाएं सामने आई थीं, और बरसात के दिनों में जलभराव जैसी समस्याओं ने स्कूलों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी थीं। इन गंभीर हादसों और प्रशासनिक अड़चनों से कड़ा सबक लेते हुए शिक्षा विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ न हो। अब डिजिटल ब्लूप्रिंट और नक्शे उपलब्ध होने से उच्चाधिकारी कार्यालय में बैठे-बैठे ही सीधे स्थिति का संज्ञान ले सकेंगे और जरूरत के अनुसार तुरंत बजट स्वीकृत कर सकेंगे।

तकनीकी कार्यों और सर्वे के लिए निर्धारित मानक दरें

शिक्षा विभाग ने इस पूरी डिजिटल प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से अमलीजामा पहनाने के लिए स्पष्ट वित्तीय दिशा-निर्देश और मानक दरें (Standard Rates) तय की हैं। इसके लिए स्कूल अपने ‘कॉमन स्कूल वेलफेयर फंड’ या अन्य स्वीकृत फंड से खर्च वहन कर सकेंगे:

ड्राइंग और एस्टीमेट: स्ट्रक्चरल ड्राइंग एवं डिजाइन के लिए 2.50 रुपये प्रति वर्ग फुट, सिविल कार्यों के एस्टीमेट के लिए 1.15 रुपये प्रति वर्ग फुट और पब्लिक हेल्थ एवं इलेक्ट्रिकल एस्टीमेट के लिए 2.05 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किए गए हैं।

कंसल्टेंसी और प्रिंटिंग: प्रूफ चेकिंग के लिए 1.50 रुपये प्रति वर्ग फुट, ऑटोकैड ट्रेसिंग 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर, A-3 साइज ड्राइंग प्रिंट 40 रुपये और स्टील बार बेंडिंग शेड्यूल के लिए 1.25 रुपये प्रति वर्ग फुट निर्धारित है।

सर्वे और जियोटेक्निकल जांच: बाउंड्रीवाल के विस्तृत प्लान के लिए 12,000 रुपये प्रति सेट और साइट सर्वे के लिए 150 रुपये प्रति 100 वर्ग मीटर तय किए गए हैं। नए भवनों के लिए जियोटेक्निकल जांच की दरें गहराई के आधार पर 12,500 रुपये से लेकर 14,500 रुपये तक तय की गई हैं।

फतेहाबाद की जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई ने बताया कि जिले के सभी 620 सरकारी स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है, ताकि हर स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की सटीक जानकारी समय रहते मिल सके और उन्हें तुरंत दूर किया जा सके।

Haryana News: हरियाणा में हड़ताल की चेतावनी! सफाई कर्मचारियों ने सरकार को दिया अंतिम अल्टीमेटम

Post Tags

, , , , , ,