Haryana News: हरियाणा में इन दिनों मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कुछ जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिल रही है, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लोग उमस और भीषण गर्मी से परेशान हैं। मंगलवार को सक्रिय पश्चिमी मौसम प्रणाली के प्रभाव से रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और मेवात सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, यह बारिश पूरे प्रदेश में नहीं हुई, जिसके कारण अधिकांश इलाकों में उमस और तापमान दोनों बढ़े हुए हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल हरियाणा में मानसून कमजोर पड़ गया है और अगले चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां काफी सीमित रहेंगी। इसे ‘मानसून ब्रेक’ की स्थिति माना जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि 19 जुलाई के बाद मौसम में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। अनुमान है कि 19 से 25 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी और व्यापक बारिश हो सकती है।
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क्यों कमजोर हुआ मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) उत्तर की ओर हिमालय के तराई क्षेत्रों की तरफ खिसक गई है। इसी वजह से हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर हो गई हैं। जब तक यह ट्रफ दोबारा दक्षिण की ओर सक्रिय नहीं होती, तब तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना कम रहेगी।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस वर्ष मानसून की अनियमितता के पीछे जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और प्रशांत महासागर में बने अल-नीनो (El-Nino) का प्रभाव भी महत्वपूर्ण कारण है। इन वैश्विक मौसमी परिस्थितियों के कारण देश के कई हिस्सों में मानसून सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
बारिश की कमी के कारण हरियाणा के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर, अरब सागर और पाकिस्तान की दिशा से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाएं तथा दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के साथ बढ़ रही नमी ने उमस को और अधिक बढ़ा दिया है।
इस मौसम की वजह से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर तेज धूप और रात में भी उमस बने रहने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि मौसम सुहावना हो सके।
किसानों को बारिश का इंतजार
हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है और इस समय खरीफ फसलों, विशेष रूप से धान की खेती के लिए पर्याप्त बारिश बेहद जरूरी है। लगातार कम वर्षा होने से किसान चिंतित हैं और मानसून के दोबारा सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 17 जुलाई के आसपास मानसूनी हवाएं दोबारा सक्रिय होने लगेंगी और 19 या 20 जुलाई से इसका असर प्रदेश में दिखाई देना शुरू होगा। इसके बाद 19 से 25 जुलाई के बीच अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो इससे किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी, जलस्तर में सुधार होगा और आम लोगों को भी उमस व गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
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