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Haryana News: कबाड़ की दुनिया में करियर का मौका, हरियाणा में युवाओं के लिए खास योजना

हरियाणा सरकार वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में युवाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर ‘स्क्रैप एक्सपर्ट’ तैयार करेगी।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 14, 2026

Haryana News: हरियाणा में पुराने और जर्जर वाहनों को कबाड़ में बदलने का काम अब सिर्फ गाड़ियों को तोड़कर धातु बेचने तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग को एक व्यवस्थित उद्योग के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकारी आईटीआई, पॉलीटेक्निक और अन्य कौशल प्रशिक्षण संस्थानों में युवाओं को इस क्षेत्र से जुड़े विशेष पाठ्यक्रमों के जरिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

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10 सरकारी संस्थानों में शुरू होगा विशेष कोर्स

सरकार की योजना के तहत राज्य के 10 सरकारी कौशल संस्थानों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग से जुड़े कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके लिए संस्थानों को अधिकतम पांच साल तक हर वर्ष 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

हालांकि, यह सहायता प्रशिक्षण पर होने वाले शुद्ध खर्च की अधिकतम 75 प्रतिशत सीमा तक ही होगी। प्रत्येक चयनित संस्थान को हर साल कम से कम 125 युवाओं को प्रशिक्षित करना अनिवार्य होगा। इस हिसाब से हर साल करीब 1,250 और पांच वर्षों में लगभग 6,250 युवा इस क्षेत्र में प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगे।

उद्योग की जरूरत के मुताबिक तैयार होगा पाठ्यक्रम

प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने के लिए पाठ्यक्रम को वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा। इसमें डिस्मेंटलिंग, मशीन संचालन, वाहन के पुर्जों की छंटाई और रीसाइक्लिंग जैसे अलग-अलग जॉब रोल को शामिल किया जाएगा।

पाठ्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे यानी NSQF के अनुरूप होना जरूरी होगा। साथ ही इन्हें NCVET या केंद्र सरकार से अधिकृत एजेंसियों से प्रमाणित कराया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं की योग्यता को उद्योग में मान्यता मिल सके।

ट्रेनिंग के साथ प्लेसमेंट पर भी जोर

योजना की खास बात यह है कि सरकार की आर्थिक सहायता एक साथ नहीं मिलेगी। इसे तीन चरणों में जारी किया जाएगा। प्रशिक्षण शुरू होने पर 30 प्रतिशत, सफल प्रमाणन के बाद 40 प्रतिशत और युवाओं के सफल प्लेसमेंट के आधार पर शेष 30 प्रतिशत राशि दी जाएगी।

प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद युवाओं को तीन महीने की अप्रेंटिसशिप से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा प्लेसमेंट का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योजना का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को वास्तविक रोजगार उपलब्ध कराना भी है।

हरियाणा में बढ़ रहा स्क्रैपिंग सेक्टर

यह पहल हरियाणा की वाहन स्क्रैप एवं रीसाइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति से जुड़ी है। राज्य में फिलहाल 26 पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र हैं, जिनमें से 7 अभी संचालित नहीं हो रहे हैं। आने वाले समय में इन केंद्रों और संबंधित इकाइयों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों की मांग बढ़ने की संभावना है।

चयन में पारदर्शिता के लिए सख्त नियम

हरियाणा कौशल विकास मिशन, कौशल रोजगार निगम और श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय समेत अन्य संस्थान इस योजना के तहत कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव दे सकेंगे। छह सदस्यीय राज्य स्तरीय समिति हर साल अप्रैल में इन प्रस्तावों का मूल्यांकन करेगी। गलत जानकारी देकर आर्थिक सहायता हासिल करने वाले संस्थानों पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे संस्थानों से पूरी सहायता राशि 12 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज के साथ वापस ली जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी होगी।

उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से वाहनों का वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से निस्तारण होगा। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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