Punjab News: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ में हुए हमले के बाद पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। हमले के अगले दिन सुखबीर बादल ने पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें पंजाब और देश में शांति का माहौल खराब करना चाहती हैं। बादल के मुताबिक, इन ताकतों को लगता है कि अकाली दल उनके रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट है।
सुखबीर बादल ने साफ किया कि वह किसी भी दबाव या धमकी के सामने पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में शांति, भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
Haryana News: 15 अगस्त पर कैथल में बदला अंदाज, 576 स्कूलों में पूर्व सैनिक करेंगे ध्वजारोहण
प्रकाश सिंह बादल की विरासत का किया जिक्र
सुखबीर सिंह बादल ने अपने पिता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा पंजाब के लोगों के बीच भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी भी ऐसी ताकतों के सामने समझौता नहीं किया, जो पंजाब का माहौल खराब करना चाहती थीं। सुखबीर बादल ने कहा कि वह भी उसी सोच और विरासत को आगे बढ़ाते हुए पंजाब के हित में काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की तरक्की और शांति सिर्फ राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के हित में जरूरी है।
धार्मिक स्थलों पर हुई घटनाओं का भी किया जिक्र
बादल ने दावा किया कि उन्हें दो बार सिख धर्म के प्रमुख और पवित्र धार्मिक स्थलों पर निशाना बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने पहली घटना अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और दूसरी घटना नांदेड़ के तख्त हजूर साहिब स्थित माता साहिब देवन जी गुरुद्वारे में हुई घटना को बताया। इस दौरान उन्होंने गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था जताई और कहा कि गुरु का आशीर्वाद उनके साथ है। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाली ताकतें उन्हें अपने उद्देश्य से नहीं हटा सकतीं।
नांदेड़ में क्या हुआ था?
गुरुवार को नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में स्थित माता साहिब देवन जी गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर कथित तौर पर कृपाण से हमला करने की कोशिश की गई। घटना के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज और सर्जरी की गई। शुक्रवार दोपहर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने कथित हमलावर जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस के अनुसार अभी हमले के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
पुलिसकर्मी की सूझबूझ से टला बड़ा खतरा
हमले के दौरान वहां मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए अपना हाथ आगे कर दिया। इससे हमले का सीधा असर सुखबीर बादल तक पहुंचने से रोकने में मदद मिली। हालांकि, इस दौरान पुलिस अधिकारी की दाहिनी हथेली पर गंभीर चोट आई और उन्हें कई टांके लगाए गए।
2024 में भी हुआ था हमला
सुखबीर सिंह बादल पर दिसंबर 2024 में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में भी हमला करने की कोशिश हुई थी। उस समय वह अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई धार्मिक सजा के तहत सेवा कर रहे थे। नांदेड़ की ताजा घटना के बाद सुखबीर बादल ने दोहराया कि धमकियां और हमले उन्हें पंजाब की शांति और भाईचारे के लिए काम करने से नहीं रोक सकते। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के लोगों के बीच सौहार्द बनाए रखने के अपने प्रयास आगे भी जारी रखेंगे।
Haryana News: हरियाणा में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी पूरी, जानें किस जिले में कौन करेगा ध्वजारोहण







