SIGN IN

अबूझमाड़ में महुआ प्रसंस्करण के लिए बनेगा जनजातीय सहकारी मॉडल, संग्राहकों को हो रहा है सीधा ऑनलाइन भुगतान

रायपुर अबूझमाड़ क्षेत्र के विकास और वहां जनजातीय (आदिवासी) नेतृत्व में महुआ प्रसंस्करण (च्तवबमेेपदह) के लिए एक प्रभावी सहकारी मॉडल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समर्थन मूल्य पर तेंदूपत्ता संग्रहण तथा आदिवासियों की आय बढ़ाने के लिए वन धन योजना और श्ट्राईफेडश् के तहत महुआ प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी विमर्श किया गया। मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में श्छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघश् की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।  वन धन समितियों द्वारा तैयार हो रहे हैं महुआ के कई उत्पाद    

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 20, 2026

रायपुर

अबूझमाड़ क्षेत्र के विकास और वहां जनजातीय (आदिवासी) नेतृत्व में महुआ प्रसंस्करण (च्तवबमेेपदह) के लिए एक प्रभावी सहकारी मॉडल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समर्थन मूल्य पर तेंदूपत्ता संग्रहण तथा आदिवासियों की आय बढ़ाने के लिए वन धन योजना और श्ट्राईफेडश् के तहत महुआ प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी विमर्श किया गया। मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में श्छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघश् की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। 

वन धन समितियों द्वारा तैयार हो रहे हैं महुआ के कई उत्पाद
        
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वन धन सहकारी समितियों द्वारा महुआ के फूलों से विभिन्न प्रकार के मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। महुआ लड्डू और कुकीज, महुआ स्क्वैश (शरबत), महुआ का अचार और महुआ उत्पादों की प्रोसेसिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने हेतु स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों का संरक्षण और वित्तीय पारदर्शिता
       
 बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की भी समीक्षा की गई। इस दौरान संग्रहण से जुड़े व्यापार में सरकार को वित्तीय हानि से बचाने और संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभांश पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा वर्तमान में संग्राहकों को पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीधे ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए एक आधुनिक सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे भुगतान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में जमा हो रही है।

इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए जिनमें प्रमुख हैं-वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा,  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव मती शम्मी आबिदी, गृह विभाग सचिव मती नेहा चंपावत, पीसीसीएफ निवास राव इसके साथ ही वन विभाग तथा लघु वनोपज संघ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

Post Tags