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Prahlad Joshi Education Ministry: राष्ट्रपति ने स्वीकार किया प्रधान का इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी बने शिक्षा मंत्री प्रभारी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

Prahlad Joshi Education Ministry

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 25, 2026

Prahlad Joshi Education Ministry: भारतीय राजनीतिक गलियारों में शनिवार का दिन एक ऐतिहासिक और बड़े बदलाव का साक्षी बना। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चले लंबे और मुखर छात्र आंदोलन के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह को स्वीकार करते हुए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा औपचारिक रूप से मंजूर कर लिया है। सरकार और प्रशासनिक कामकाज में किसी भी तरह की सुस्ती या रुकावट न आए, इसे सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति भवन ने त्वरित कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा पोर्टफोलियो के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने के निर्देश जारी किए हैं।

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प्रह्लाद जोशी के कंधों पर शिक्षा मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खाली हुए इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण पद की कमान अब वरिष्ठ व अनुभवी नेता प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई है। प्रह्लाद जोशी पहले से ही केंद्र सरकार में कई भारी-भरकम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वर्तमान में वे देश के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। अब अपने इन मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ वे शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे और देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत एवं प्रशासनिक फैसलों को आगे बढ़ाएंगे।

इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर पहुंचे दिग्गजों का जमावड़ा

अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा के बाद से ही धर्मेंद्र प्रधान के सरकारी आवास पर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई। उनके आवास पर एनडीए और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और दिग्गजों का तांता लग गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी समेत तमाम बड़े नेता उनसे मिलने पहुंचे और वर्तमान राजनीतिक हालात पर लंबी चर्चा की।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने धर्मेंद्र प्रधान के अब तक के कार्यकाल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जब प्रधान शिक्षा मंत्रालय के पद से विदा हो रहे हैं, तो यह उनकी दशकों लंबी समर्पित लोक सेवा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में दिए गए उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करने और सम्मानित करने का सही समय है। छात्र राजनीति के शुरुआती संघर्षों से लेकर शासन और प्रशासन के सर्वोच्च पदों तक, उन्होंने हमेशा देश के युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति गहरी प्रतिबद्धता और अनुशासन दिखाया है।

धर्मेंद्र प्रधान का विदाई संदेश: “राष्ट्रसेवा ही जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता”

अपने इस्तीफे के बाद अपनी भावनाओं को साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि उनके लिए हमेशा से राष्ट्रसेवा ही जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक भावुक पोस्ट के जरिए उन्होंने अपने विचार साझा किए थे।

उन्होंने लिखा था, “मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से एक छात्र, एक शिक्षक और एक शिक्षा सुधारक के रूप में देश सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित रहा हूं। मेरा हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही एक मजबूत राष्ट्र की असली आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, उनकी भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का हमेशा गहरा सम्मान करता हूं।” इस प्रकार, एक बड़े छात्र आंदोलन के परिणाम स्वरूप देश के शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व का यह दौर पूरा हुआ है और अब प्रह्लाद जोशी के कंधों पर इस नए विभाग की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है।

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