Haryana Weather: हरियाणा और एनसीआर-दिल्ली में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण एक बार फिर उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश की कमी और लगातार गर्म हवाओं के प्रभाव से तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मौसम का मिजाज पिछले साल के मुकाबले इस बार काफी अलग नजर आ रहा है।
वर्ष 2025 में जून से सितंबर के बीच मानसूनी अवधि के दौरान हरियाणा में सामान्य से करीब 34 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। इस दौरान लगभग 568.4 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जिसके कारण तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे बना रहा। इसके विपरीत इस वर्ष जुलाई और अगस्त में मानसून कमजोर रहने से गर्मी और उमस ज्यादा महसूस की जा रही है।
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32 से 36 डिग्री के बीच बना हुआ अधिकतम तापमान
इस साल हरियाणा में औसत अधिकतम तापमान करीब 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 4 से 5 डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। बारिश की कमी के बावजूद वातावरण में नमी मौजूद है। ऐसे में धूप निकलने के बाद उमस और ज्यादा परेशान कर रही है। लोगों को तापमान से ज्यादा गर्मी और पसीने वाली परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकांश इलाकों में बारिश की गतिविधियां कमजोर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक हरियाणा में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर बनी हुई है। प्रदेश के कुछ उत्तरी और पूर्वी जिलों में ही हल्की और छिटपुट बारिश देखने को मिल रही है। इसके अलावा ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क या परिवर्तनशील बना हुआ है।
मानसून की कमजोर गतिविधियों के पीछे पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से चलने वाली गर्म हवाओं को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। इन हवाओं का प्रभाव मानसूनी हवाओं पर पड़ रहा है, जिससे बारिश की गतिविधियों में कमी आई है।
मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून टर्फ के तराई वाले क्षेत्रों की ओर खिसकने के कारण हरियाणा और आसपास के इलाकों में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बन गई है। इस वजह से मानसूनी बादल और बारिश प्रदेश के अधिकांश हिस्सों तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसी कारण कई इलाकों में लोगों को ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया हो। हालांकि, मानसून की आधिकारिक वापसी अभी अलग विषय है, लेकिन मौजूदा मौसम में पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव वैसा ही नजर आ रहा है।
हिसार में सबसे ज्यादा गर्मी
हाल के दिनों में हिसार प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र रहा। यहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नमी और तेज धूप के कारण यहां उमस का असर भी अधिक महसूस किया गया।
फिलहाल राहत की उम्मीद कम
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी मानसूनी बारिश की गतिविधियां सीमित रह सकती हैं। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण उमस भरी गर्मी से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है।
हालांकि तापमान बहुत अधिक ऊंचाई पर नहीं पहुंच रहा है, लेकिन वातावरण में नमी और गर्म हवाओं के कारण लोगों को पसीने और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हरियाणा और एनसीआर के लोगों को फिलहाल बारिश और मौसम में बड़े बदलाव का इंतजार करना पड़ सकता है।
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