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Haryana News: योगासन को खेल विधा का दर्जा, हरियाणा सरकार का ऐतिहासिक फैसला

हरियाणा सरकार 2015 की खेल नीति में बड़े बदलाव करने जा रही है। नई स्पोर्ट्स पॉलिसी के तहत कम उम्र से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 27, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार राज्य की खेल नीति में बड़े बदलाव करने जा रही है। वर्ष 2015 में लागू की गई खेल नीति को अब नए समय और खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुसार अपडेट किया जा रहा है। नई खेल नीति का उद्देश्य सिर्फ पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार देना नहीं होगा, बल्कि कम उम्र से ही प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना होगा।

सरकार की नई योजना में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इस नीति के जरिए हरियाणा को खेलों के क्षेत्र में और मजबूत बनाने तथा भविष्य के लिए बेहतरीन खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

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योगासन को मिलेगा आधिकारिक खेल का दर्जा

नई खेल नीति में सबसे बड़ा बदलाव योगासन को लेकर किया गया है। अब तक जहां ‘योग’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता था, वहीं नई व्यवस्था में इसे बदलकर ‘योगासन’ को एक आधिकारिक खेल विधा के रूप में शामिल करने की तैयारी है।

इस बदलाव के बाद योगासन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी अन्य खेलों की तरह सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा विश्वविद्यालयों के खेल विभागों के नाम में भी बदलाव कर उन्हें ‘स्पोर्ट्स एवं योगासन विभाग’ करने की योजना बनाई जा रही है।

सरकार योगासन को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति करने और इससे जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है।

पदक के बाद इनाम नहीं, बचपन से प्रतिभा निखारने पर जोर

नई खेल नीति में सरकार ने खिलाड़ियों को तैयार करने के पुराने तरीके से आगे बढ़ते हुए शुरुआती स्तर पर निवेश करने की योजना बनाई है। इसके तहत 8 से 10 वर्ष की उम्र के बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी।

इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। इसके लिए खेल नर्सरी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आधुनिक ट्रेनिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों को शुरुआत से सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

ग्रेडेशन नीति और सरकारी नौकरी के नियमों में होगा सुधार

नई खेल नीति में खिलाड़ियों के लिए ग्रेडेशन व्यवस्था को भी अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी है। अब केवल मान्यता प्राप्त और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके साथ ही खेल कोटे से मिलने वाली सरकारी नौकरियों के नियमों को भी स्पष्ट और व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डिजिटल रिकॉर्ड और डोपिंग पर सख्त कार्रवाई

नई नीति में खिलाड़ियों की पूरी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की योजना है। ‘खेलो हरियाणा एप’ के माध्यम से खिलाड़ियों की प्रोफाइल, प्रशिक्षण, उपलब्धियां और प्रदर्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा।

इससे सरकार को प्रतिभाओं की निगरानी करने और उन्हें समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।

वहीं खेलों में डोपिंग को रोकने के लिए भी सख्त नियम बनाए जाएंगे। दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ियों और संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा। इसके अलावा पैरा खिलाड़ियों को भी अन्य खिलाड़ियों के समान सुविधाएं और अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

खेल संघों में पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी

नई खेल नीति में खेल संघों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर भी जोर दिया गया है। संघों में नियमित चुनाव और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए नए नियम शामिल किए जाएंगे।

हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि नई खेल नीति के माध्यम से राज्य में खेल संस्कृति को और मजबूत किया जाए और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जाए।

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