Haryana News: हरियाणा सरकार प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रही है। सरकार नई ईवी नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क को पूरी तरह माफ करने की योजना बना रही है। इस प्रस्ताव पर 28 जुलाई 2026 को होने वाली मंत्री समूह (GoM) की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। यदि इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले से कहीं अधिक सस्ता हो जाएगा और ग्रीन मोबिलिटी को नई रफ्तार मिलेगी।
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परिवहन और उद्योग विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, परिवहन विभाग और उद्योग विभाग पिछले कई सप्ताह से इस प्रस्ताव पर संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इस योजना की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर चुके हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में प्रदूषण कम करना, स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
सभी श्रेणी के ई-वाहनों को मिलेगा लाभ
नई नीति लागू होने पर इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाइक, ई-रिक्शा, ऑटो, कार और अन्य चारपहिया ईवी वाहनों पर लगने वाले रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क को 100 प्रतिशत तक माफ किया जा सकता है। वर्तमान में ईवी खरीदारों को सीमित राहत मिलती है, लेकिन नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद वाहन खरीदने की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और बिक्री दोनों में तेजी आने की संभावना है।
निजी खरीदारों के साथ संस्थानों को भी होगा फायदा
इस योजना का लाभ केवल व्यक्तिगत वाहन खरीदारों तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, उद्योग और निजी कंपनियां भी इस छूट का लाभ उठा सकेंगी। जिन संस्थानों के पास बड़ी संख्या में वाहन हैं, उनके परिचालन खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके अलावा, सरकारी विभाग भी अपने बेड़े में अधिक इलेक्ट्रिक वाहन शामिल कर सकेंगे, जिससे सरकारी खरीद पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण को मिलेगी मजबूती
हरियाणा का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आता है, जहां वायु प्रदूषण एक गंभीर चुनौती है। ऐसे में सरकार का यह कदम स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में वृद्धि से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
28 जुलाई पर टिकी हैं सभी की निगाहें
ऑटोमोबाइल कंपनियां, वाहन डीलर और ईवी खरीदने की योजना बना रहे उपभोक्ता अब 28 जुलाई को होने वाली मंत्री समूह की बैठक का इंतजार कर रहे हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह हरियाणा के इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए अब तक की सबसे बड़ी प्रोत्साहन योजनाओं में से एक साबित होगी। इससे न केवल ईवी बाजार को नई गति मिलेगी, बल्कि हरियाणा स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में भी एक बड़ा कदम आगे बढ़ाएगा।
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