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Haryana News: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, स्कूल समितियों को मिलेगा सम्मान और इनाम

हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यालयों के समग्र विकास के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 20, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यालयों के समग्र विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMC) के साथ आयोजित राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं। इन फैसलों का उद्देश्य स्कूलों में जनभागीदारी बढ़ाना, बेहतर प्रबंधन को प्रोत्साहित करना और विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।

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हर ब्लॉक की सर्वश्रेष्ठ विद्यालय प्रबंधन समिति को मिलेगा 10 लाख रुपये

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब हर ब्लॉक की सबसे बेहतर कार्य करने वाली विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। यह राशि सीधे संबंधित सरकारी स्कूल के विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे में सुधार और विद्यार्थियों के हित से जुड़ी सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से विद्यालय प्रबंधन समितियों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सरकारी स्कूलों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा।

पारदर्शी मूल्यांकन के लिए लॉन्च हुआ ‘सच पोर्टल’

विद्यालय प्रबंधन समितियों के कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘सच’ (School Assessment and Checking Hub – SACH) पोर्टल का शुभारंभ किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी समितियों के कार्यों की ऑनलाइन निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा।

इसी पोर्टल के आधार पर प्रत्येक ब्लॉक की सर्वश्रेष्ठ समिति का चयन होगा। सरकार का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना है।

SMC को मिले अधिक प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार

सरकार ने विद्यालय प्रबंधन समितियों को पहले से अधिक अधिकार भी दिए हैं। अब स्कूलों में छोटे-छोटे जरूरी विकास कार्यों के लिए समितियां एक लाख रुपये तक की राशि स्वयं खर्च कर सकेंगी। इसमें पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की मरम्मत, चारदीवारी, सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

यदि किसी विद्यालय में बड़े स्तर के विकास कार्यों की जरूरत होगी, तो संबंधित जिले के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) की स्वीकृति के बाद 25 लाख रुपये तक की राशि खर्च की जा सकेगी। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और स्कूलों की समस्याओं का समय पर समाधान संभव होगा।

मुख्यमंत्री ने स्कूलों से किया सीधा संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों की विद्यालय प्रबंधन समितियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने स्कूलों में स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, खेल सुविधाएं, विद्यार्थियों की संख्या, बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम, सुपर-100 और बुनियाद जैसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही आईआईटी, आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों के चयन और खेल उपलब्धियों की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सभी स्कूलों में व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने और विद्यार्थियों को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जोड़ने का भी आह्वान किया।

शिक्षा मंत्री ने समितियों को दी सक्रिय भूमिका निभाने की सलाह

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समितियां केवल औपचारिक निगरानी तक सीमित न रहें, बल्कि स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

सरकार की इन नई पहलों से हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विद्यालय प्रबंधन समितियों की भूमिका भी पहले से अधिक प्रभावी होगी, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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