Haryana News: देश की राजधानी दिल्ली की ओर किसानों के एक बार फिर से कूच करने की घोषणा के बाद हरियाणा और पंजाब की सीमाओं पर सरगर्मी और तनाव काफी बढ़ गया है। जींद जिले में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है, और संवेदनशील माने जाने वाले खनौरी-दातासिंहवाला बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इस बीच, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल भी खनौरी बॉर्डर पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि किसान अपनी मांगों के समर्थन में न्यायालयों का भी दरवाजा खटखटाएंगे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासन और किसानों के बीच गतिरोध को थामने के लिए लगातार बैठकों और बातचीत का दौर भी जारी है।
Haryana News: स्कूली बच्चों के लिए राहत की खबर, 17 अगस्त को छुट्टी का बड़ा ऐलान
बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और 5-लेयर बैरिकेडिंग
कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और किसानों को दिल्ली की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। जींद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) खुद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं। बॉर्डर पर सुरक्षा के इस प्रकार के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं:
पुख्ता किलेबंदी: खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा के लिए मजबूत 5-लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। रास्ते को पूरी तरह बाधित करने के लिए भारी पत्थरों और बड़े-बड़े कंटेनरों को सड़क पर खड़ा कर दिया गया है।
दस्ता और आधुनिक उपकरण: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरी तरह तैयार है। मौके पर आंसू गैस के गोले दागने वाले विशेष वाहन, वज्र वाहन (वाटर कैनन), जेसीबी मशीनें और दमकल विभाग की गाड़ियों को तैनात किया गया है।
यातायात डायवर्जन: पंजाब और हरियाणा के बीच आने-जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों की सघन जांच की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर फतेहाबाद, सिरसा और डबवाली के पुलिस बलों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासनिक वार्ता और किसानों का पक्ष
इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए किसानों की ओर से एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जींद के जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की है। काका सिंह कोटड़ा की अध्यक्षता में हुई इस वार्ता में गुरमेल सिंह, इंद्रजीत सिंह पनीवाला, बलदेव सिंह सिरसा और सुखदेव सिंह भोजराज जैसे प्रमुख किसान नेता शामिल रहे।
दूसरी ओर, हरियाणा के कैथल जिले में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बीकेयू नेता अभिमन्यु कोहाड़ समेत कई किसानों को धनौरी गांव के पास रोक लिया है। जींद के एसपी ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या सीमा पार करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। इसके जवाब में किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शांतिपूर्ण मार्च से रोका गया, तो वे उसी स्थान पर धरना शुरू कर देंगे।
‘किसान बचाओ पदयात्रा’ का शेड्यूल और रूपरेखा
तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार आज खनौरी-दातासिंहवाला बॉर्डर से बहुप्रतीक्षित ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ का आधिकारिक आगाज किया गया:
सुबह का जुटान: पूर्वाह्न 11 बजे स्थानीय गुरुद्वारे के समीप बड़ी संख्या में किसान और पदयात्री एकत्र हुए।
सभा और अरदास: दोपहर 12:30 बजे विशेष अरदास का आयोजन किया गया, जिसके बाद एक विशाल जनसभा हुई।
दिल्ली के लिए पैदल जत्था: दोपहर करीब 3 बजे 51 पदयात्रियों का मुख्य जत्था शहीद शुभकरण सिंह के शहीदी स्थल की पवित्र मिट्टी लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए पैदल रवाना हुआ।
रात्रि विश्राम: किसानों की इस लगभग 228 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का पहला रात्रि विश्राम बेलरखा गांव में निर्धारित किया गया है।
Haryana News: हरियाणा SIR में बड़ा खुलासा, लाखों नामों पर उठे सवाल और जारी हुए नोटिस







