Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के जेबीटी (JBT) शिक्षकों के लिए राहत भरा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने टीजीटी (Trained Graduate Teacher) पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इसके लिए प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने “मोस्ट अर्जेंट” श्रेणी में आदेश जारी करते हुए सभी जिलों से पात्र शिक्षकों के आवेदन और सेवा संबंधी रिकॉर्ड 13 अगस्त 2026 तक भेजने को कहा है।
सरकार का उद्देश्य है कि योग्य शिक्षक केवल प्रशासनिक देरी या दस्तावेजी प्रक्रिया में देरी के कारण प्रमोशन के अवसर से वंचित न रहें। इसके लिए विभाग ने सभी अधिकारियों को समय सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
Haryana News: हरियाणा में शिक्षकों के प्रमोशन पर बड़ा अपडेट, सरकार ने जिलों को दिए सख्त निर्देश
पात्र शिक्षकों को दिया गया अंतिम मौका
शिक्षा विभाग के अनुसार, हाल ही में विभिन्न विषयों के जेबीटी और सीएंडवी (C&V) शिक्षकों को टीजीटी पदों पर पदोन्नति दी गई थी। हालांकि, कुछ ऐसे शिक्षक भी रह गए थे जिनके आवेदन या जरूरी दस्तावेज निर्धारित समय के बाद विभाग तक पहुंचे थे। इस वजह से वे उस समय पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए।
अब विभाग ने ऐसे सभी पात्र शिक्षकों को एक और अवसर देने का निर्णय लिया है। इन शिक्षकों को अपनी वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर प्रमोशन का दावा प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा। इससे लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
13 अगस्त तक भेजने होंगे प्रमोशन केस
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि सभी योग्य शिक्षकों के प्रमोशन प्रस्ताव 13 अगस्त 2026 तक विभाग को भेजना अनिवार्य होगा। इसके लिए संबंधित जिलों को हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी दोनों माध्यमों से रिकॉर्ड उपलब्ध कराने होंगे।
विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रस्ताव भेजने में किसी भी तरह की देरी न की जाए, ताकि पदोन्नति प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके और योग्य शिक्षकों को इसका लाभ मिल सके।
प्रस्ताव के साथ जरूरी दस्तावेज होंगे अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर दस्तावेजों की सूची भी स्पष्ट कर दी है। सभी प्रस्तावों के साथ शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अपडेटेड वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR), विशेष एसीआर, अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और समरी शीट जमा करनी होगी।
यदि किसी शिक्षक के दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं तो उसके प्रमोशन केस पर कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। इसलिए अधिकारियों को सभी रिकॉर्ड की जांच करने के बाद ही प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर DEEO होंगे जिम्मेदार
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों की जवाबदेही भी तय कर दी है। विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी पात्र शिक्षक का प्रमोशन केस समय पर नहीं भेजा जाता और वह पदोन्नति से वंचित रह जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित DEEO की होगी।
इसके अलावा यदि भविष्य में किसी मामले को लेकर कानूनी विवाद उत्पन्न होता है, तो संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह माना जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रमोशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी योग्य शिक्षक के साथ अन्याय न हो।
शिक्षकों को जल्द मिलेगा पदोन्नति का लाभ
हरियाणा सरकार के इस फैसले से उन शिक्षकों में उम्मीद जगी है जो लंबे समय से टीजीटी पद पर प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे। समयबद्ध प्रक्रिया और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होने से प्रमोशन प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी होने की संभावना है।
अब सभी जिलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पात्र शिक्षकों के प्रस्ताव भेजने होंगे, ताकि योग्य शिक्षकों को जल्द से जल्द पदोन्नति का लाभ मिल सके।
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