Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की थाली से पारंपरिक मिठाई घेवर हटाए जाने का मामला चर्चा में है। पलवल के डबचिक पर्यटन स्थल पर मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी सुमन सैनी के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान घेवर को भी मेन्यू में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में इसे मुख्यमंत्री की थाली में परोसने से रोक दिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। अब अधिकारियों की ओर से इस पूरे मामले को लेकर स्पष्टीकरण सामने आया है।
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डबचिक में रुके थे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपनी पत्नी सुमन सैनी के साथ वृंदावन जा रहे थे। रास्ते में वे पलवल जिले के नेशनल हाईवे स्थित डबचिक पर्यटन स्थल पर कुछ समय के लिए रुके। इस दौरान स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम में भाजपा महिला प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, होडल विधायक हरेंद्र राम रतन और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक दीपक मंगला समेत कई नेता मौजूद थे। मुख्यमंत्री के स्वागत और सत्कार के लिए स्थानीय मिठाई विक्रेता से घेवर भी मंगवाया गया था।
घेवर की पैकेजिंग को लेकर हुई जांच
मुख्यमंत्री के लिए भोजन परोसे जाने से पहले खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रोटोकॉल के तहत खाद्य सामग्री की जांच की गई। इसी दौरान घेवर के डिब्बों की पैकेजिंग, लेबलिंग और निर्माण से जुड़ी जानकारी को देखा गया।
जांच के दौरान घेवर की ताजगी और उसे इस्तेमाल करने की समय-सीमा को लेकर भी जानकारी ली गई। एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने घेवर को मुख्यमंत्री की थाली में परोसने से रोक दिया। इस घटनाक्रम के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर घेवर को मेन्यू से क्यों हटाया गया।
स्वास्थ्य मेन्यू को बताया गया मुख्य कारण
मामले को लेकर पलवल के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजेश वर्मा की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया। उनके मुताबिक, घेवर को हटाने की मुख्य वजह उसकी गुणवत्ता या एक्सपायरी नहीं थी।
अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से तय स्वास्थ्य संबंधी मेन्यू के अनुसार मुख्यमंत्री को भोजन परोसा जाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मधुमेह की समस्या है और इसी वजह से मीठी चीजों को उनके निर्धारित भोजन में शामिल नहीं किया जाता। इसी स्वास्थ्य संबंधी सावधानी के चलते घेवर को उनकी थाली में परोसने से रोक दिया गया।
डीसी के निर्देश पर मिठाइयों के सैंपल लिए गए
मामला सामने आने के बाद पलवल के उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र कुमार छिल्लर ने खाद्य सुरक्षा विभाग को संबंधित मिठाई विक्रेता की दुकान से सैंपल लेने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मिठाइयों की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने एकत्र किए।
इसके साथ ही त्योहारी सीजन को देखते हुए जिले की अन्य मिठाई दुकानों से भी सैंपल लेने और खाद्य गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को रोकना है।
घेवर को लेकर क्या है पूरा मामला?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि मुख्यमंत्री की थाली से घेवर हटाने के पीछे स्वास्थ्य संबंधी सावधानी को प्रमुख कारण बताया गया है। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के तहत संबंधित दुकान और अन्य मिठाई विक्रेताओं के सैंपल भी जांच के लिए लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ हो सकती है।
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