Haryana News: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही घर जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। दिल्ली-NCR, खासकर दिल्ली और गुरुग्राम से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में सीटें तेजी से भर रही हैं। कई ट्रेनों में कंफर्म टिकट तो दूर, वेटिंग टिकट मिलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में लखनऊ, गोरखपुर, पटना और हावड़ा जाने वाले यात्रियों के सामने यात्रा को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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दिल्ली-गुरुग्राम से ट्रेनों में लंबी वेटिंग
दिल्ली और गुरुग्राम से उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए सीधी ट्रेनों की संख्या सीमित होने के कारण त्योहार के समय यात्रियों का दबाव काफी बढ़ जाता है। बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से रिजर्वेशन कराते हैं। वहीं, गुरुग्राम से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में भी वेटिंग लगातार बढ़ रही है।
कई यात्रियों के पास अब तत्काल टिकट का विकल्प ही बचा है। हालांकि, त्योहार के दौरान तत्काल टिकट की मांग बढ़ने से इसे हासिल करना भी आसान नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग के साथ रेलवे स्टेशनों पर टिकट काउंटरों पर भी भीड़ बढ़ने लगी है। खासकर 26 और 27 अगस्त को यात्रा करने वाले यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
25 से 27 अगस्त तक क्या है सीटों का हाल?
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 25 अगस्त को भुज-बरेली एक्सप्रेस (14322) में स्लीपर क्लास में करीब 30 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि थर्ड एसी में नो-रूम की स्थिति है। गरीब नवाज एक्सप्रेस (15716) में स्लीपर की करीब 75 और थर्ड एसी की 22 सीटें उपलब्ध बताई गई हैं। वहीं साबरमती-सुलतानपुर एक्सप्रेस (20939) में स्लीपर की 47 और थर्ड एसी की 31 सीटें उपलब्ध हैं।
26 अगस्त को भगत की कोठी-कामाख्या एक्सप्रेस (15623) और भुज-बरेली एक्सप्रेस (14312) जैसी ट्रेनों में स्लीपर और थर्ड एसी दोनों श्रेणियों में ‘रिग्रेट’ यानी नो-रूम की स्थिति बताई गई है।
27 अगस्त को भी कई ट्रेनों में सीटों का संकट बना हुआ है। भुज-बरेली एक्सप्रेस पूरी तरह पैक बताई गई है। हालांकि बीकानेर-हावड़ा एक्सप्रेस (12372) में स्लीपर की करीब 73 और थर्ड एसी की 29 सीटें उपलब्ध हैं। गरीब नवाज एक्सप्रेस में स्लीपर की करीब 133 सीटें बची हैं, जबकि थर्ड एसी में टिकट उपलब्ध नहीं है।
यात्रियों ने की स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग
नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिलने के कारण यात्रियों के सामने जनरल डिब्बों में सफर करने या सड़क मार्ग का सहारा लेने का विकल्प बच सकता है। त्योहार के समय सड़क मार्ग पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ने से किराया बढ़ने की आशंका रहती है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे से मांग की है कि रक्षाबंधन को देखते हुए दिल्ली-गुरुग्राम से उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों के लिए अतिरिक्त या स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं। इससे यात्रियों को राहत मिलने के साथ त्योहार के दौरान सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प भी मिल सकेगा।
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