Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में आम जनता की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सख्त बना दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद अब सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों को जनसंवाद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा करनी होगी। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो, शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बनी रहे और प्रत्येक शिकायतकर्ता को उचित जवाब मिले।
Haryana News: सरकारी नौकरी का इंतजार खत्म, हरियाणा में 3056 युवाओं को मिली बड़ी सौगात
रोजाना होगी शिकायतों की समीक्षा
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक विभाग को अपने स्तर पर जनसंवाद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित निगरानी करनी होगी। प्रशासनिक सचिव स्वयं शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो। सरकार का मानना है कि नियमित मॉनिटरिंग से शिकायतों का समाधान पहले की तुलना में अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
बार-बार आने वाली शिकायतों पर तय होगी जिम्मेदारी
सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से समय पर संपर्क नहीं किया जाता, जिसके कारण वही शिकायत बार-बार मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच जाती है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिकायत का अनावश्यक दोहराव होता है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी। अधिकारियों को शिकायतकर्ता से लगातार संवाद बनाए रखने और समाधान की जानकारी समय-समय पर देने के निर्देश दिए गए हैं।
तथ्यपरक और स्पष्ट होगी एक्शन टेकन रिपोर्ट
सरकार ने शिकायतों पर की जाने वाली कार्रवाई को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब जनसंवाद पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) पूरी तरह तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रमाणिक होनी चाहिए। प्रत्येक रिपोर्ट संबंधित विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर के बाद ही अपलोड की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रिपोर्ट की गुणवत्ता बनी रहे और मुख्यमंत्री कार्यालय को सही जानकारी प्राप्त हो।
असंभव मामलों में बताने होंगे स्पष्ट कारण
यदि किसी शिकायत का समाधान नियमों, कानून या अन्य प्रशासनिक कारणों से संभव नहीं है, तो उसे सीधे अस्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग को यह स्पष्ट करना होगा कि शिकायत का समाधान क्यों संभव नहीं है। “डिनाइड” या “नॉट फिजिबल” श्रेणी में डालने से पहले विस्तृत कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा और इसकी जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता को भी दी जाएगी। इससे शिकायत प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
जिस अधिकारी पर आरोप, वह नहीं करेगा जांच
सरकार ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ शिकायत दर्ज होती है, तो वह स्वयं उस मामले की जांच नहीं करेगा। ऐसे मामलों की जांच किसी स्वतंत्र और वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाएगी, ताकि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और भरोसेमंद बनी रहे।
मैनपावर की कमी का बहाना स्वीकार नहीं
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर सरकारी कार्यों में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। विभागों को उपलब्ध संसाधनों और मानवबल का बेहतर उपयोग करना होगा। साथ ही प्रशासनिक समस्याओं का समय रहते समाधान निकालने पर भी जोर दिया गया है, ताकि आम जनता को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के मिल सके।
जनहित को प्राथमिकता देने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम
हरियाणा सरकार के इन नए निर्देशों का उद्देश्य प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनाना है। नियमित समीक्षा, समयबद्ध कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से उम्मीद है कि जनसंवाद पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का तेजी से समाधान होगा और नागरिकों का सरकार पर विश्वास भी और मजबूत होगा।
Haryana News: रेवाड़ी को विश्वविद्यालय की सौगात, हरियाणा कैबिनेट के फैसलों पर सबकी नजर







