SIGN IN

Shardiya Navratri: नवरात्रि कब से शुरू होंगे? तारीख और शुभ मुहूर्त जानें

30 सितंबर 2026 का यह बुधवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के लिहाज से सभी 12 राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है, जिसमें करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव और नए अवसर देखने को मिलेंगे।

Shardiya Navratri

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 29, 2026

Shardiya Navratri: हिन्दू धर्म में शक्ति और साधना के महापर्व शारदीय नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का आरंभ 11 अक्तूबर 2026 से हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में देशभर के श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से उपासना करते हैं। इस दौरान घरों और मंदिरों में दुर्गा सप्तशती के पाठ, भजन-कीर्तन और अखंड दीप प्रज्वलित कर माता की आराधना की जाती है। मान्यता है कि इन पवित्र दिनों में सच्चे मन से देवी की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है तथा नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

Haryana News: हरियाणा NHM कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 7 तारीख तक वेतन देने के निर्देश

नवरात्रि 2026 की तिथि और उदया तिथि का महत्व

Shardiya Navratri
नवरात्रि कब से हो रही शुरू?

पंचांग की गणना के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्तूबर की रात 9 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी और 11 अक्तूबर की रात 9 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। सनातन धर्म की परंपरा के अनुसार उदया तिथि को ही मान्यता दी जाती है, अर्थात जिस तिथि में सूर्योदय होता है, वह पूरा दिन उसी तिथि के अंतर्गत मान्य होता है। इसी नियम के आधार पर शारदीय नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्तूबर को होगा। इसी दिन से घटस्थापना के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ हो जाएगा।

घटस्थापना के शुभ मुहूर्त

शास्त्रों में घटस्थापना (कलश स्थापना) को नवरात्रि का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण माना गया है। कलश को सुख-समृद्धि, मंगल और शुभता का प्रतीक माना जाता है। 11 अक्तूबर को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से सुबह 10:12 बजे तक रहेगा। इस प्रकार भक्तों को पूजा की तैयारी और स्थापना के लिए लगभग 3 घंटे 52 मिनट का अनुकूल समय प्राप्त होगा। जो श्रद्धालु किसी कारणवश मुख्य मुहूर्त में घटस्थापना न कर सकें, वे सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापित कर सकते हैं। स्थापना से पूर्व पूजा स्थल की साफ-सफाई करें, स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूर्ण निष्ठा के साथ संकल्प लें।

नौ दिनों के व्रत और देवियों के स्वरूप

Shardiya Navratri
नवरात्रि कब से हो रही शुरू?

इस वर्ष 11 अक्तूबर से शुरू होने वाला यह पावन पर्व 19 अक्तूबर तक चलेगा। प्रतिदिन मां के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है:

प्रतिपदा (11 अक्तूबर): मां शैलपुत्री की आराधना और घटस्थापना।

द्वितीया (12 अक्तूबर): तप और संयम की प्रतीक मां ब्रह्मचारिणी की पूजा।

तृतीया (13 अक्तूबर): मां चंद्रघंटा का पूजन।

चतुर्थी (14 अक्तूबर): मां कूष्मांडा की उपासना।

पंचमी (15 अक्तूबर): मां स्कंदमाता का विधान।

षष्ठी (16 अक्तूबर): मां कात्यायनी की आराधना।

सप्तमी (17 अक्तूबर): मां कालरात्रि का पूजन।

महाअष्टमी (18 अक्तूबर): मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन। (अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की रात 8:27 बजे से शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे तक रहेगी)।

महानवमी (19 अक्तूबर): मां सिद्धिदात्री की उपासना के साथ नौ दिवसीय व्रत का समापन।

दशमी (20 अक्तूबर): नवरात्रि पारण, दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी (दशहरा) और आयुध पूजा।

धार्मिक महत्व और साधना के नियम

Shardiya Navratri
नवरात्रि कब से हो रही शुरू?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, शारदीय नवरात्रि का सीधा संबंध मां दुर्गा और महिषासुर के ऐतिहासिक युद्ध से है। देवी ने लगातार नौ दिनों तक महिषासुर से संग्राम किया और दसवें दिन उसका वध कर तीनों लोकों को उसके आतंक से मुक्त कराया। इसी विजय की स्मृति में दशमी तिथि को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाता है, जो अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है।

व्रत और पूजा के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

नवरात्रि में सात्विक भोजन का पालन करें तथा प्याज-लहसुन का सेवन वर्जित रखें। मन को शांत रखें, अनावश्यक क्रोध से बचें और जरूरतमंदों की सहायता करें। अष्टमी या नवमी के पावन अवसर पर कन्या पूजन कर व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करें।

Haryana News: हरियाणा में फिर बिगड़ेगा मौसम! बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

Post Tags

, , , , , , , , , , ,