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Punjab News: पंजाब में किसान आंदोलन ने पकड़ा जोर, चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर बड़ी महापंचायत

चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर बुधवार को किसानों की महापंचायत में विभिन्न जिलों से पहुंचे किसानों ने लंबित मांगों के समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाया।

Punjab News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 2, 2026

Punjab News: चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर बुधवार को किसानों की बड़ी महापंचायत ने पूरे इलाके में हलचल बढ़ा दी। पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के जरिए महापंचायत में शामिल होने पहुंचे। किसानों का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित मांगों को सरकार के सामने रखना और उनके समाधान के लिए दबाव बनाना था।

सुबह से ही पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से किसानों के जत्थे बॉर्डर की ओर रवाना होने लगे थे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिले और किसानों की भारी मौजूदगी के कारण चंडीगढ़-मोहाली सीमा क्षेत्र में गतिविधियां तेज हो गईं। महापंचायत के दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की और सरकार से जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की।

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संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने संभाला मोर्चा

महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े प्रमुख नेताओं और किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। किसान नेता मंजीत सिंह धनेर समेत कई वक्ताओं ने मंच से किसानों की समस्याओं और उनकी लंबित मांगों को लेकर अपनी बात रखी।

किसान नेताओं ने कहा कि कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और किसानों की मेहनत से करोड़ों लोगों को खाद्य सुरक्षा मिलती है। इसके बावजूद कई किसान मुद्दों का समाधान लंबे समय से लंबित है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन उन आश्वासनों को जमीन पर लागू करने की दिशा में पर्याप्त प्रगति नहीं हुई।

वक्ताओं ने कहा कि किसान अब केवल आश्वासन नहीं चाहते। उनकी मांग है कि सरकार उनकी समस्याओं पर स्पष्ट रुख अपनाए और समयबद्ध तरीके से ठोस कदम उठाए।

शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने का फैसला

महापंचायत के दौरान किसानों ने अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आगे बढ़ाने की बात दोहराई। किसानों का कहना था कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा रहे हैं। किसानों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। मंच से किसानों से भी अनुशासन बनाए रखने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने की अपील की गई।

सुरक्षा व्यवस्था बढ़ी, यातायात पर पड़ा असर

किसानों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग के जरिए यातायात को नियंत्रित किया गया।

बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के पहुंचने से कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। इससे आम लोगों और वाहन चालकों को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव भी किए।

अब सरकार के जवाब पर टिकी नजर

पूरे दिन चली महापंचायत में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की। किसान नेताओं ने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि महापंचायत के बाद सरकार किसानों की मांगों को लेकर क्या निर्णय लेती है और दोनों पक्षों के बीच आगे बातचीत की क्या दिशा बनती है।

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