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Jaipur: अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 3 मौतों से हड़कंप

जयपुर के खो नागोरियान में रिहायशी मकान के भीतर अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Jaipur

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 9, 2026

Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मंगलवार दोपहर खो नागोरियान क्षेत्र में एक आवासीय मकान के भीतर संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। इस भयावह हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के घरों में भी कंपन महसूस किया गया।

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क्या है पूरा मामला?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खो नागोरियान इलाके के एक सामान्य से दिखने वाले मकान के अंदर पिछले काफी समय से चोरी-छिपे पटाखा निर्माण का कार्य किया जा रहा था। मंगलवार दोपहर को अचानक इस कारखाने में भीषण आग लग गई, जिसके बाद हुए सिलसिलेवार धमाकों ने पूरी इमारत को मलबे में तब्दील कर दिया। तेज धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस प्रशासन और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं।

घायलों की हालत अत्यंत गंभीर

जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। हादसे में घायल हुए पांच लोगों को तुरंत उपचार के लिए जयपुरिया अस्पताल और एसएमएस (SMS) अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों में से तीन की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। ये लोग 50 से 70 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं, जिन्हें एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायलों की स्थिति मरणासन्न है और उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

अवैध संचालन पर प्रशासन की सख्ती

इस घटना ने आवासीय क्षेत्रों में चल रही अवैध गतिविधियों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। जिला प्रशासन, एडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं। दमकल कर्मी मलबे को हटाने और आग को पूरी तरह बुझाने के प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्य जांच इस बात पर केंद्रित है कि घनी आबादी वाले इस रिहायशी इलाके में बिना किसी सुरक्षा मानकों और अनुमति के पटाखे बनाने का खतरनाक काम कैसे चल रहा था? क्या स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी, या इसमें किसी की मिलीभगत है?

जांच का दायरा बढ़ा

प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि पटाखों का कच्चा माल कहाँ से लाया गया था और इन्हें कहाँ सप्लाई किया जाना था। इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता, क्योंकि बचाव कार्य अभी भी जारी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि शहरों के भीतर सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे ‘मौत के कारखानों’ पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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