Haryana News: नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने और उनके दैनिक कार्यों को सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। शहर के 10 अलग-अलग वार्डों में ‘नागरिक सुविधा केंद्र’ (CFC) और ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (CSC) की शुरुआत की गई है। इस पहल का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को मेयर राजरानी मल्होत्रा ने भीमनगर स्थित मेयर कैंप कार्यालय से किया। इस अवसर पर निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व पार्षद उपस्थित थे।
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किन क्षेत्रों में मिली सुविधा?
नगर निगम द्वारा पहले चरण में वार्ड नंबर 2, 3, 10, 13, 18, 22, 23, 25, 29, 30 और भीमनगर कैंप कार्यालय में ये केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों की मुख्य विशेषता यह है कि अब नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए निगम के मुख्य कार्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह विकेंद्रीकृत व्यवस्था न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि आम जनता के लिए सरकारी तंत्र को अधिक सुलभ बनाएगी।
इन केंद्रों पर क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इन केंद्रों पर नागरिकों को ‘सिंगल विंडो’ के माध्यम से कई प्रकार की सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी, जिनमें शामिल हैं:
प्रॉपर्टी टैक्स: भुगतान और संबंधित जानकारियां।
प्रमाण पत्र: जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन।
सरकारी दस्तावेज: हरियाणा परिवार पहचान पत्र (PPP) से जुड़ी सेवाएं।
अन्य सेवाएं: [Aadhaar Redacted] संबंधी सेवाएं और अन्य सरकारी योजनाएं।
सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस की ओर एक कदम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि वार्ड स्तर पर इन केंद्रों की स्थापना नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने जोर दिया कि उनका उद्देश्य नागरिकों को सरल, बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। डिजिटल सेवाओं को वार्ड स्तर तक ले जाना इस बात का प्रमाण है कि नगर निगम तकनीक के जरिए पारदर्शिता को बढ़ावा दे रहा है।
वहीं, निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों पर प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाएगा और नागरिकों की शिकायतों का समाधान अब अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी ने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से डिजिटल गवर्नेंस को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाएगा। यह पहल न केवल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करेगी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को भी कम करेगी।
नगर निगम गुरुग्राम की यह पहल स्पष्ट करती है कि आने वाले समय में शहर के अन्य वार्डों में भी इसी तरह की सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं। यह कदम एक स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में गुरुग्राम की पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा, जहाँ नागरिक बिना किसी परेशानी के अपनी बुनियादी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
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