Haryana News: हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार राज्य की बिजली व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीक अपनाने जा रही हैं। इसी कड़ी में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत सबसे पहले सरकारी कार्यालयों, विभिन्न सरकारी संस्थानों और सरकारी कर्मचारियों के आवासों में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य उपभोक्ताओं को भी इस व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा।
सरकारी परिसरों से शुरुआत
स्मार्ट मीटरों को लेकर लोगों के मन में किसी प्रकार की शंका न रहे, इसके लिए सरकार ने सरकारी भवनों से इसकी शुरुआत करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि जब सरकारी विभागों में यह प्रणाली सफलतापूर्वक कार्य करेगी तो आम नागरिकों का विश्वास भी इस तकनीक पर बढ़ेगा। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर सामने आई शिकायतों और विरोध को देखते हुए हरियाणा में इस परियोजना को सावधानीपूर्वक लागू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक चरण की सफलता भविष्य में इसके व्यापक विस्तार का रास्ता आसान बनाएगी।
बड़े उपभोक्ताओं को भी मिलेगा स्मार्ट मीटर का लाभ
योजना के दूसरे चरण में उन उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा जिनका बिजली लोड 10 किलोवाट या उससे अधिक है। इसके बाद घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं तक इस प्रणाली का विस्तार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बिजली उपयोग की सटीक निगरानी करना और बिलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
ऊर्जा मंत्री ने दिए तेज क्रियान्वयन के निर्देश
चंडीगढ़ में आयोजित एक समीक्षा बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों की कार्यप्रणाली और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली बिजली वितरण क्षेत्र में बड़े बदलाव का माध्यम बन सकती है। इसके जरिए बिजली चोरी और तकनीकी हानियों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही उपभोक्ताओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
बिलिंग व्यवस्था में आएगी अधिक पारदर्शिता
बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बिजली की वास्तविक खपत और बिलिंग के बीच होने वाले अंतर को कम किया जाए। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली खपत का सटीक और रियल-टाइम रिकॉर्ड उपलब्ध कराएंगे। इससे गलत बिलिंग की शिकायतें कम होंगी और उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
लाइन लॉस में पहले ही हो चुका है बड़ा सुधार
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि वर्ष 2013-14 के दौरान बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस लगभग 34 प्रतिशत था। लगातार सुधारात्मक कदमों और तकनीकी उन्नयन के कारण इसमें उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। केंद्रीय मंत्री ने इस प्रगति पर संतोष जताते हुए बिजली निगमों को भविष्य में भी इसी गति से सुधार कार्य जारी रखने के निर्देश दिए।
बिजली क्षेत्र में तकनीकी बदलाव का नया दौर
स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग व्यवस्था को हरियाणा के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इससे बिजली वितरण व्यवस्था अधिक सक्षम बनेगी, राजस्व संग्रह में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल आने वाले वर्षों में बिजली प्रबंधन को और अधिक स्मार्ट, पारदर्शी तथा उपभोक्ता-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






