Haryana News: हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र खत्म होने के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नायब सिंह सैनी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विधानसभा के भीतर विपक्ष और प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है। हुड्डा ने रोजगार, भ्रष्टाचार, कर्ज, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
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HKRN और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
हुड्डा ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम यानी HKRN के तहत युवाओं को स्थायी रोजगार देने के दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से युवाओं को लगातार बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने की दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने HKRN कर्मचारियों को नियमित करने, गेस्ट टीचर्स, सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। हालांकि, उनके मुताबिक सरकार की ओर से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने के बजाय बात को टालने की कोशिश की गई।
हुड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि प्रदेश के शिक्षित युवाओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
कर्ज और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री ने हरियाणा की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने राज्य पर बढ़ते कर्ज का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि प्रदेश भारी वित्तीय बोझ का सामना कर रहा है। भ्रष्टाचार के मामलों पर हुड्डा ने आरोप लगाया कि कार्रवाई अक्सर छोटे अधिकारियों तक सीमित रह जाती है, जबकि बड़े स्तर पर जिम्मेदार लोगों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने सरकार से भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
स्वास्थ्य सेवाओं और बकाया भुगतान पर उठाए सवाल
हुड्डा ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र को अपेक्षित बजट नहीं मिल रहा है। साथ ही, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) से जुड़े कथित बकाया भुगतान का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसका असर मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने प्रदेश में नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
विधानसभा की कार्यवाही और दलित मुद्दे पर भी निशाना
हुड्डा ने सरकार की नीतियों को दलित विरोधी बताते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के पूर्व में किए गए घोटाले संबंधी दावों पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि सब कुछ ठीक है तो अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों हो रही है। विधानसभा अध्यक्ष की कार्यशैली पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। हुड्डा का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की गई और सदन के बाहर भी विपक्षी नेताओं के साथ उचित व्यवहार नहीं हुआ।
विवादित घटनाओं को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुड्डा ने बिजली विभाग के एक एसई की मौत के मामले को दुखद बताया। इसके अलावा विधानसभा में पोस्टर दिखाने और उसे छीने जाने से जुड़े विवाद पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। हुड्डा के बयान से संकेत मिलता है कि विपक्ष आने वाले दिनों में सरकार को रोजगार, भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और अन्य जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति जारी रखेगा। ऐसे में मानसून सत्र के बाद हरियाणा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।
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