Cylinder Price Hike: आम जनता और छोटे व्यापारियों के लिए एक बुरी खबर है। तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलोग्राम) के दामों में एक बार फिर इजाफा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के साथ ही होटल, रेस्तरां और खान-पान के कारोबार पर सीधा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद से यह लगातार जारी महंगाई का सिलसिला है, जिसने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है।
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प्रमुख महानगरों में नई कीमतें
आज से लागू हुई नई दरों के अनुसार, देश के विभिन्न शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:
दिल्ली: अब 3113.50 रुपये (42 रुपये की वृद्धि)
मुंबई: अब 3067.50 रुपये (43 रुपये की वृद्धि)
कोलकाता: अब 3255.50 रुपये (53 रुपये की वृद्धि)
चेन्नई: अब 3283 रुपये (46 रुपये की वृद्धि)
बेंगलुरु: 3198 रुपये
लखनऊ: 3236 रुपये
जयपुर: 3155 रुपये
अहमदाबाद: 3135 रुपये
पिछले कुछ महीनों में, विशेषकर पिछले माह की रिकॉर्ड 993 रुपये की बढ़ोतरी के बाद से अब तक कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कुल 1373 रुपये से अधिक का इजाफा हो चुका है।
घरेलू गैस सिलेंडर और अन्य श्रेणियों का हाल
राहत की बात केवल इतनी है कि तेल कंपनियों ने फिलहाल घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 913 रुपये, जयपुर में 916.5 रुपये और अहमदाबाद में 920 रुपये की पुरानी दरों पर ही उपलब्ध रहेगा। हालांकि, पिछले कुछ समय में इसमें भी 60 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा, छोटे सिलेंडरों और औद्योगिक उपयोग वाले सिलेंडरों के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं:
5 किलो का छोटा सिलेंडर: 11 रुपये महंगा होकर अब दिल्ली में 821.50 रुपये का हो गया है।
47.5 किलो वाला औद्योगिक सिलेंडर: इसमें 105 रुपये की भारी वृद्धि की गई है, जिससे इसकी कीमत 7779.50 रुपये तक पहुँच गई है।
425 किलो वाला विशाल सिलेंडर: इसकी कीमत अब बढ़कर 69651 रुपये हो गई है।
महंगाई का आम जीवन पर प्रभाव
कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने का असर सीधे आपकी जेब पर पड़ेगा। चूँकि रेस्तरां, ढाबों, और चाय-नाश्ते की दुकानों में इन्हीं सिलेंडरों का उपयोग होता है, इसलिए बाहर का खाना, जंक फूड, चाय और कॉफी अब और महंगी हो सकती है। बढ़ती लागत के कारण दुकानदार निश्चित रूप से खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाएंगे। इसके अतिरिक्त, शादियों के सीजन में कैटरिंग का खर्च भी बढ़ना तय है।
यह मूल्य वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब छोटे व्यापारी पहले ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर कच्चे तेल और गैस की वैश्विक कीमतों पर पड़ रहा है, जिसकी भरपाई अंतिम उपभोक्ता को करनी पड़ रही है। व्यापारियों ने सरकार से इस पर नियंत्रण पाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है ताकि आम आदमी पर महंगाई का बोझ और अधिक न बढ़े।
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